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kisan Andolan: किसान क्यों कर रहे है आंदोलन,क्या है इस बार किसानों की मांगे

लोकसभा चुनाव के नजदीक आते ही एक बार फिर से किसानों ने  अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर दिया है,दो साल पहले भी किसानों ने MSP तथा सरकार द्वारा लागू तीन कानूनों को लेकर विशाल आंदोलन किया था जिसके फलस्वरूप उस समय मजबूत मोदी सरकार को झुकाकर उन तीनों कानूनों वो वापिस करवाया था।अब एक बार फिर किसान अपनी पूरी ताकत के साथ दिल्ली बॉर्डर पर पहुंच चुके है तथा स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करने तथा एमएसपी से लेकर अपनी अन्य मांगों के लिए एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर चुके है।

 

किसान आंदोलन क्यों करते है:

लम्बे समय से किसान अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते आ रहे है ,किसानों की मुख्य मांग यह है की एमएसपी (MSP) को कानूनी जामा पहनाया जाए, एमएसपी पर कोई कानून न होने की वजह से किसान अपनी फसलों को औने पौने दाम पर बेचने को मजबूर हो जाते है

kisan Andolan: दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत किसान
kisan Andolan: दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलनरत किसान

 

क्या है किसानों की प्रमुख मांगे:

दो साल पहले हुए आंदोलन की बात करें तो उस आंदोलन में किसानों की मुख्य मांग किसानों के लिए बनाए गए तीन कानूनों को रद करवाना था,तथा दूसरी मुख्य मांग के रूप में एमएसपी को कानूनी जामा पहनाने को लेकर कानून बनाना था , उस वक्त सरकार ने लंबे चले आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए तीनों कानूनों को वापिस ले लिया था तथा msp पर आश्वासन देकर किसानों का आंदोलन खत्म करवाया था ,किंतु इस बार किसानों की मुख्य मांगे है

1.एमएसपी (MSP)को लेकर कानून बनाया जाए ,जिसके तहत कोई भी किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम पर न खरीद पाए।

2.किसान आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं

3. लखीमपुर खीरी में किसानों के साथ हुए मामले में पीड़ित किसानों को मुआवजा मिले

4.किसानों को 10000 रुपए प्रति माह पेंशन दी जाए

5.किसानों का कर्जा माफ किया जाए

कांग्रेस का इस आंदोलन पर क्या है स्टैंड:

कांग्रेस पार्टी का साफ कहना है की प्रधानमंत्री मोदी ने 2014 में प्रधानमंत्री बनने से पहले अपने चुनावी भाषणों में सप्ष्ट रूप से कहा था की हम अपने किसानों को उनकी फसल का मूल्य ,फसल के लागत मूल्य के साथ साथ उसका 50प्रतिशत ओर अधिक लाभ के साथ देंगे ।मोदी द्वारा किए गए उस वादे को आज मोदी सरकार के 10 वर्ष पूरे होने पर भी सरकार ने पूरा नहीं किया है जिस वजह से किसानों के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है ओर वह आंदोलन करने को मजबूर है।साथ ही कांग्रेस ने यह भी बताया की यूपीए सरकार स्वामीनाथन रिपोर्ट की 201 सिफारिशों में से 175 सिफारिश लागू भी कर चुकी थी और MSP को भी जल्द लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही थी।

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) क्यों है जरूरी:

एमएसपी को लेकर किसान लगातार सालों से अपनी मांग को लेकर आंदोलन/प्रदर्शन करते आ रहे है,किंतु हमे है समझना चाहिए की msp किसानों के लिए क्यों जरूरी है और इससे क्या फर्क पड़ने वाला है,

कम आमदनी के बावजूद अपने परिवार के बोझ को संभालता किसान
कम आमदनी के बावजूद अपने परिवार के बोझ को संभालता किसान

 

यदि सरकार किसानों की मांग मानकर एमएसपी पर कानून बना देती है तो कानून बनने के बाद सरकार एमएसपी पर फसल को खरीदने के लिए बाध्य हो जाएगी,अभी की स्थिति में सरकार पर एमएसपी निर्धारित करने के बाद भी एमएसपी पर ही फसल खरीदने को लेकर कोई बाध्यता नहीं है।

 

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12 thoughts on “kisan Andolan: किसान क्यों कर रहे है आंदोलन,क्या है इस बार किसानों की मांगे”

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